in5points
Current AffairsPIBboth

विक्रम-1: भारत के अंतरिक्ष भविष्य की रूपरेखा

UPSC / SSC current affairs note

Science and TechnologyGovernment Policies and InterventionsEconomic Development

Why in news

भारत का पहला निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 'मिशन आगमन' के तहत जुलाई-अगस्त 2026 में प्रक्षेपित होने वाला है। यह भारत की अंतरिक्ष नीति सुधारों की सफलता और निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

Background

भारत सरकार ने 2023 में भारतीय अंतरिक्ष नीति अधिसूचित की, जिसने निजी क्षेत्र के लिए अंतरिक्ष गतिविधियों की पूरी श्रृंखला खोल दी। इसके परिणामस्वरूप स्टार्टअप्स और निजी कंपनियों ने अंतरिक्ष क्षेत्र में प्रवेश किया है।

Key facts

in5points
  1. विक्रम-1 स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित भारत का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट है।

  2. यह 350 किलोग्राम तक पेलोड को पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में स्थापित कर सकता है।

  3. रॉकेट पूरी तरह कार्बन कम्पोजिट, सॉलिड-फ्यूल बूस्टर और 3D-प्रिंटेड लिक्विड इंजन से बना है।

  4. प्रक्षेपण 'मिशन आगमन' के तहत 12 जुलाई से 4 अगस्त 2026 के बीच निर्धारित है।

  5. मिशन में कई पेलोड शामिल हैं: स्काईरूट का स्कोप उपग्रह, डीक्यूब्ड का प्रौद्योगिकी प्रदर्शन पेलोड, ग्रहा स्पेस का सोलारास एस-3, और कॉस्मोसर्व स्पेस की 'एम्ब्रेस' रोबोटिक भुजा (मलबा पकड़ने के लिए)।

  6. दो विशेष वस्तुएं भी भेजी जाएंगी: 'कॉस्मिक ब्लूम' (फूल के आकार की कलाकृति) और 18 कैरेट सोने का सूक्ष्म रॉकेट जिस पर वैज्ञानिकों की आकृतियां उकेरी गई हैं।

  7. भारत में 2014 में 1 स्पेस स्टार्टअप था, जो 2026 तक 400 से अधिक हो गया है।

  8. भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था वर्तमान में ~$8.4 बिलियन है, जिसके 2030 तक $40-45 बिलियन और 2040 तक $100 बिलियन होने का लक्ष्य है।

  9. भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023 ने निजी क्षेत्र को पूरी मूल्य श्रृंखला में भागीदारी की अनुमति दी।

  10. सरकार ने IN-SPACe, NSIL और एकल-खिड़की प्रणाली जैसी संस्थाएं स्थापित की हैं।

Prelims pointers

  • विक्रम-1: स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट
  • मिशन आगमन: प्रक्षेपण विंडो 12 जुलाई - 4 अगस्त 2026
  • भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023: निजी भागीदारी के लिए अधिसूचित
  • IN-SPACe: निजी क्षेत्र के लिए नियामक निकाय
  • NSIL: वाणिज्यिक शाखा
  • LEO: पृथ्वी की निचली कक्षा (लो अर्थ ऑर्बिट)
  • स्काईरूट एयरोस्पेस: हैदराबाद स्थित स्टार्टअप
  • कॉस्मिक ब्लूम: फूल के आकार की कलाकृति
  • एम्ब्रेस: मलबा पकड़ने वाली रोबोटिक भुजा
  • सी. वी. रमन, विक्रम साराभाई, डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम: सूक्ष्म रॉकेट पर उकेरे गए वैज्ञानिक

Mains angles

  • अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधारों का प्रभाव: भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023 और निजी भागीदारी
  • सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) और अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का विकास
  • अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा
  • अंतरिक्ष मलबा प्रबंधन: एम्ब्रेस जैसी प्रौद्योगिकियों की भूमिका
  • स्टार्टअप इकोसिस्टम और नवाचार: सरकारी नीतियों का योगदान
  • अंतरिक्ष अनुप्रयोग: संचार, नौवहन, पृथ्वी अवलोकन और वैज्ञानिक अनुसंधान